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Showing posts from February, 2018
महिमामयी  आदिशक्ति माता भवानी         हम अपने धर्म ग्रंथों का अध्ययन करते हैं तो पाते हैं कि उनमें हमारी कई माताएं बताई गई हैं| जिनमें पार्वती माता संतोषी माता और लक्ष्मी माता आदि| लेकिन मां भवानी को आदि शक्ति के रूप में वर्णन करते हुए उन्हें सर्वश्रेष्ठ माता बताया गया है| इन्हें की लीला में  प्रकृति व सृष्टि के सभी घटनाक्रम समाए हैं| अध्ययन करने पर पता चलता है कि प्रकृति के तीन गुणों और उनकी कृतियों विकृतियों से ही ब्रह्मांड का निर्माण होता है| इन्ही में सृष्टि के सभी आरोह और अवरोह जन्म लेते हैं| पूरे संसार की समस्त घटनाओं को संचालित करने वाली ऊर्जा दरअसल मूल प्रकृति ही है यह  ऊर्जा माता जी  द्वारा ही पैदा की और कण्ट्रोल होती है | इसी ऊर्जा में आयी विविध विकृतियों से ही सृष्टि सृजन के बहुआयाम विकसित होते हैं| यहां तक कि देव शक्ति से लेकर विश्व के समस्त कण-कण में समाहित ऊर्जा के विभिन्न रूपों का रहस्य ही  मूल प्रकृति का वैकृतिक  रहस्य है| जिन लोगों ने भवानी मां पर श्रद्धा रखते हुए अपने भाव चेतना में माता जी का स्पर्श और स्नेह पाया है वे जानते हैं कि आदिशक्ति माता की मूल प्रकृति हैं|  …

Treatment ; Acid attack [2/15 ]

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\\ Treatment ; Acid attack \\

        Nowadays newspapers get the news of the attack on acid attack. Acids attacking people often suffer from mental illness or any impairment. Such people attack the enemy in front of them to hide their inferiority and force them to acid attack. Occasionally there is hostility too, in addition to this people sometimes resort to acid attack for their self defense. Whatever the cause, but the victim has to face many kinds of problems. Having such attacks or having such incidents has become commonplace in every country. Girls in Islamic countries get their threats open because of their error.



                    \\ Body Rescue \\



         If the body is attacked by acid, then on that part of the body, acid becomes a special kind of irritation. In this attack, the affected part of the body can be ungenerable, rough and dreadful. The skin of the person suffering from this attack is badly affected. Patients of such an accident should be shown …

इलाज ; एसिड अटैक [1/15 ]

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इलाज ; एसिड अटैक
आजकल अखबारों में तेजाब से हमले की खबरें पढ़ने को मिल ही जाती हैं। तेजाब से हमला करने वाले व्यक्ति प्रायः मानसिक बीमार या किसी हीनभावना से ग्रस्त होते हैं। ऐसे लोग अपनी हीनभावना को छिपाने तथा उसे बल प्रदान करने के लिए अपने सामने वाले दुश्मन व्यक्ति पर तेजाब से हमला कर देते हैं। कभी-कभी इसका कारण दुश्मनी भी होता है , इसके अलावा कभी-कभी लोग अपनी आत्मरक्षा के लिए भी एसिड अटैक का अवलंबन कर लेते हैं। कारण कुछ भी हो किंतु इसमें पीड़ित को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना ही पड़ता है। ऐसे हमलों का होना या ऐसी घटनाएं होना हर देश में आम बात हो गई है। इस्लामी देशों में लड़कियों को उनकी किसी त्रुटि के कारण तो ऐसी धमकियां खुलेआम देखने को मिल जाती हैं।
\\ शरीर का बचाव \\
यदि के शरीर किसी पर तेजाब से हमला होता है , उस समय शरीर के जिस भाग पर तेजाब पड़ता है , वहां पर एक विशेष प्रकार की जलन होने लगती है | इस हमले में शरीर का प्रभावित भाग बेडौल , खुरदरा और भयानक हो सकता है | इस हमले से पीड़ित व्यक्ति शरीर की त्वचा बुरी तरह प्रभावित होती है। ऐसी दु…

आध्यात्मिकता अपनाएं सद्गुण बढ़ाएं [ 1/14 ]

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आध्यात्मिकता अपनाएं सद्गुण बढ़ाएं  परोपकारीऔर आध्यात्मिक व्यक्ति अध्यात्म के शिखर पर पहुंचा हुआ व्यक्ति होता है | वह दूसरों के परोपकार के कार्य करता रहता है |वह अपने जीवन के संबंध में किसी को कुछ भी नहीं बताता है, जबतक कि उसे आध्यात्मिक जीवन में कुछ बोलना प्रासंगिक या प्रेरणादायक न हो | आध्यात्मिक व्यक्ति किसी भी प्रकार का दिखावा यह आडम्बर नहीं करता है और न ही आत्मप्रशंसा करता है | उसको अपने विषय में बातचीत करना पसंद नहीं आता है | वह तो यथार्थ का समर्थक होता है | उसका अपना विचार होता है कि जो व्यक्ति किसी की चापलूसी करता हैं, मुझे अपने को उससे दूर रहना चाहिए | वह केवल भले व्यक्तियों को ही अपने पास रखना चाहिए, जो वक्त पड़ने पर उसके हितेषी सिद्ध हो सके | \\उन्नत आध्यात्मिक व्यक्ति \\      आध्यात्मिक व्यक्ति मूल रूप में रचनात्मक विचारों वाला होता है | उसे संसार में ईश्वरीय ज्ञान फैलाने की इच्छा होती रहती है | उसका ज्ञान भी परिष्क्र्त और उच्च कोटि का होता है, जो हृदय की गहराइयों से पैदा होता है | उसे इस ज्ञान की प्राप्ति के लिए किसी पुस्तक की आवश्यकता नहीं होती है | उसको सारा …

Adopt spirituality, increase virtue [2/14 ]

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Adopt spirituality, increase virtue



        A philanthropist and a spiritual person is a person reached the peak of spirituality. He keeps doing acts of philanthropy for others. He does not tell anyone about his life, unless it is relevant or inspirational to say something in spiritual life. The spiritual person does not flutter any kind of pretense nor do any self-praise. He does not like to talk about himself. He is a supporter of reality. His own opinion is that the person who makes someone flattering, I should stay away from him. He should keep only good people by himself, which can be beneficial for the time being.



 Advanced spiritual person



     The spiritual person is basically creative thoughts. He wants to spread God's knowledge in the world. His knowledge is also sophisticated and high, which is born from the depths of the heart. He does not need any book to attain this knowledge. When all the knowledge is absorbed in spirituality itself, then it is foun…

\\ A measure of victory in the life-force. 2/13 ]

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\\ A measure of victory in the life-force.



    Our world is huge, in it many creatures reside. The best man is considered in all the beings. But there is no such person in this world, whose life does not have troubles. Every creature has to face adversity in his life. Because, like the day and the night, the Kalachakas constantly revolve, so that no survivors have been found today. Just as the night comes after every day, in the same way after all the pleasures, the life of the creature continues to suffer. These plagues in one way test the patience of the human beings of courage, tolerance and spirituality. In this battle of life, a man who can overcome his troubles with fearlessness and perseverance, is victorious in the struggle of this life, he can be called a successful man.




 \\ Laughing with breathtaking combat


    Any creature can not neglect any kind of adversity in his life. In reality, plagues are our adversities, which we have to fight bout. Every creature wh…

धर्म ; जीवनसंग्राम में विजय प्राप्ति के उपाय [ 1 / 13 ]

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\\ जीवनसंग्राम में विजयप्राप्ति का उपाय \\ हमारा भूमंडल बहुत बड़ा है , इसमें अनेकों प्राणी निवास करते हैं | सभी प्राणियों में सबसे श्रेष्ठ मानव को माना गया है | परन्तु इस संसार में ऐसा कोई प्राणी नहीं है , जिसके जीवन में मुसीबतेंन हों | प्रत्येक प्राणी को अपने जीवन में विपत्तियों का सामना करना ही पड़ता है | क्योंकि दिन और रात के समान ही कालचक्र सदा घूमता रहता है , जिससे आज कोई बच नही पाया है | जिस प्रकार हर दिन के बाद रात आती है ठीक उसी तरह हर सुख के बाद दुख भीप्राणी केजीवन मैं आता रहता है | यह विपत्तियां एक प्रकार से मानव के धैर्य साहस, सहिष्णुता और आध्यात्मिकता की परीक्षा लेती हैं | जीवन के इस संग्राम में जो पुरुषअपनी मुसीबतों का निर्भीकता और दृढ़ता के साथ मुकाबला कर पाता है , उसे ही इस जीवन के संग्राम में विजय प्राप्त होती है , उसे ही सफल पुरुष कहा जा सकता है | \\ हंसते हुए सहज भाव से करें मुकाबला \\ कोई भी प्राणी अपने जीवन में आने वाली विपत्तियों कि किसी भी प्रकार उपेक्षा नहीं कर सकता है | वास्तव में विपत्तियां हमारी प्रतिकूलताएं हैं , जिनका हमें डटकर मुकाबला करना ही ह…

इलाज ; प्रमेहकी चिकित्सा [ 1 /12 ]

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\\ प्रमेह की चिकित्सा \\
यह एक भयानक गुप्त रोग है जो किसी भी मनुष्य को 14 से 15 वर्ष की उम्र से लेकर वृद्धावस्था के पुरुषों को भी हो जाया करता है। खानपान की अनियमितता , आहार विहार में व्यतिक्रम तथा वातावरणीय प्रदूषण के कारण लोगों के मनोमस्तिष्क प्रदूषित हो जाते हैं। जिसके परिणामस्वरुप यह गुप्त रोग किसी को भी अपनी गिरफ्त में ले लेता है। इससे ग्रसित पुरुष का शरीर कमजोर , निस्तेज और निष्क्रिय बना रहता है , जिसका असर उसकी संतान पर भी पड़ता है। पिता के अनुरूप ही पुत्र भी इस रोग से ग्रसित हो सकता है। यही कारण है कि आज के राष्ट्रीय जीवन मे भी सामूहिक रुप से अधिकांश व्यक्ति अशक्त , निरुत्साहित , शिथिल और रोगग्रस्त दिखाई देते हैं।
\\ प्रमेह रोग के कारण \\
यह तो सभी जानते हैं कि शरीर से किसी भी पदार्थ का निश्चित राशि से अधिक मात्रा में मूत्र मार्ग से निकल जाना ही प्रमेह कहलाता है। इसके प्रमुख कारणों में व्यक्ति का सदा आराम से बैठे रहना , सोए रहना या…

Therapy of gonorrhea [ 02 /12 ]

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                                     \\ Therapy of gonorrhea \\

        This is a terrible secret disease that takes place from any age of 14 to 15 years of age to men of old age. Irritation of food, diarrhea in diarrhea, and pollution of the environment cause people's mindset to be polluted. As a result, this secret disease takes anyone into its grip. The body of this man remains weak, dull and inactive, which also affects his child. According to the father, the son may also be suffering from this disease. This is the reason that in today's national life, too many people are seen to be weak, discouraged, loathsome and diseased.

                                \\ Due to the Disease Disease \\

       It is known to all that the excess amount of any substance from the body is released from the urinary tract itself is called pyrama. For one of the main reasons, the person is constantly sitting, staying asleep or doing a…