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01बाबाओं के रूप अनेक

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बाबाओं के रूप अनेक  

बाबा असली, नकली,फसली,कतली चार प्रकार के होते हैं।असली सिद्ध,बाबा,संत महात्मा तो हिमाचल की कन्दराओं में ही पाये जाते हैं।इनका दीन,दुनिया, दौलत से कोई खास मतलब नहीं होता है।यह केवल मानवता के कल्याण से ही मतलब रखते हैं।नकली बाबा यत्र-तत्र- सर्वत्र पाये जाते हैं।झाड़-फूंक के नाम पर भोली-भाली ग्रामीण जनता को फंसाकर धन दोहन इनका मुख्य लक्ष्य होता है।लड़कियों को झूठी बीमारी बताकर बलात्कार भी करते हैं।आशाराम बापू,रामरहीम आदि इसी श्रेणी के बाबा हैं।फसली बाबा किसानों की फसल कटनें पर झोला डंडा लेकर निकल पड़ते है।यह केवल अनाज उगाही का काम करते हैं।शाम को अन्न बेंचकर शराब पीकर शेष अन्न लेकरभोले भाले किसानों को बेवकूफ बनाकर  घर चले जाते हैं।कतली बाबा दिनभर गांव घूमकर घरों की निशान देही करते हैं।रात में डकैती डालकर लूट मार करके चलते बनते हैं।यह घुमंतू प्रजाति के होते हैं।यह संगठित गिरोह वाले होते हैं।बलात्कार,कत्ल,इनके मुख्य धंधे होते हैं।
अतः लोगों से निवेदन हैकि ऐसे बाबाओं के चक्कर में न पड़ें।धन्यवाद।

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