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1 गौरेया संरक्षण

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गौरेया संरक्षण
  
गौरेया एक घरेलू पक्षी है।आंगन में चीं-चीं की आवाज से घर को भर देने वाली पक्षी गौरेया इन दिनों इक्का-दुक्का ही दिखाई देती है।यह लगभग लुप्तप्राय होती जा रही है।अब लगभग हर गांव में पक्के मकान बनते जा रहे हैं।इसलिए इस पक्षी को अपनें घोषले बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।इस घरेलू चिड़िया के घोषले धन्नी वाले मकानों में बहुतायत से देखे जाते थे।जैसे-2धन्नी वाले मकानों की संख्या घटती गयी,यह चिडिय़ा भी घटती चली गयी।
सरकार ने इसके संवर्धन, संरक्षण की दिशा में काफी प्रयास किए हैं।इनके काठ के बने घोषले भी वितरित किए गए परन्तु इस चिड़िया को नये घर रास नहीं आ रहे हैं।इसके लिए सरकार अवश्य ही बधाई की पात्र है।यह अपने बनाए घरों में ही ज्यादा सुरक्षित महसूस करती है।मानव निर्मित भवन इसे कम रास आ रहे हैं।
सरकार से निवेदन है कि मानव फ्रेण्डली चिड़िया का उचित संरक्षण, संवर्धन करने की कृपा करें ताकि इसे लुप्त होने से बचाया जा सके।

धन्यवाद

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