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भूमि आबंटन की सरकारी योजना



सरकार ने भूमिहीनों के लिए भूमि आबंटन योजना द्वारा भूमिहीनों के लिए कृषि योग्य भूमि आबंटित करके निश्चय ही बहुत ही अच्छा कार्य करती है।इसकी जितनी ही प्रशंसा की जाय कम है।लेकिन सिस्टम की कमी के कारण असली भूमिहीन इस योजना का लाभ पाने से वंचित ही रह जाते हैं।आजादी के बाद से कई बार भूमि आबंटन होने के बावजूद वास्तविक भुमिहीन आज भी भुमिहीन है।कारण यह है कि ग्राम पंचायतों द्वारा खुली बैठक में सादे प्रस्ताव पर ही सबके हस्ताक्षर करवा लिए जाते हैं।एक निश्चित धनराशि जमा करने वालों के नाम ही असली मनमाफिक प्रस्ताव में लिखे जाते हैं।चूंकि वास्तविक भूमिहीन धनराशि जमा करने में अक्षम होते हैं।लिहाजा अंतिम सूची में स्थान बनाने में विफल हो जाते हैं।जमीनें भूमि अभिलेखों में पिता के नाम ही दर्ज होती हैं।अतःउनके लड़कों को भूमिहीन बनाकर प्रस्तुत कर दिया जाता है।और यह तथाकथित भूमिहीन पट्टा पानें में सफल हो जाते हैं।इनमें प्रधान के चाटुकार,अधिक धन जमा करने वाले ही ज्यादा होते हैं।असली भूमिहीन न तो धन जमा कर पाते हैं,न ही प्रधान तक पहुंच बना पाने में सफल हो पाते हैं।निर्धन की पहुंच केवल भगवान तक ही होती है,भगवान पट्टा देने आते नहीं हैं।आजादी के बाद से कई बार भूमि आबंटन हो चुका है।वास्तविक भूमिहीन आज भी भूमिहीन है।

अतःसरकार से निवेदन है कि पूर्व में दिए गये पट्टों की जांच करवाने की कृपा करें तो पायेंगे कि एक ही परिवार के भिन्न-भिन्न लोगों को बार-बार पट्टे आबंटित किए गये हैं।सीमांत,लघु सीमांत कृषक तो पट्टा पाने वालों में जरूर मिल जायेंगें परन्तु भूमिहीन नहीं मिलेंगे।

अतःसरकार से निवेदन है कि वास्तविक भूमिहीनों की सूची पंचायत भवन अथवा ग्रामीण मिनी सचिवालय के सूचना पट्ट पर अंकित करवाने की कृपा करें ताकि असली भूमिहीन पट्टा,अन्त्योदय राशन कार्ड बिना सुविधा शुल्क दिए प्राप्त कर सकें।पट्टटा पानें में परिवार रजिस्टर की नकल भी अनिवार्य करे ताकि पिता के नाम दर्ज जमीन वालों के लड़कों का नाम पट्टा सूची में चिन्हित किया जा सके।और असली भूमिहीनों को योजना का लाभ मिल सके।तभी यह योजना अपने असली स्वरूप को प्राप्त कर सकेगी और सरकार अपने असली मकसद में कामयाब हो सकेगी।

Comments

  1. If it works, it will be good for people's who don't have lands.

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