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Showing posts from August, 2018

प्रधानमंत्री जी की शहरी एवं ग्रामीण आवास योजनाएं।

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी/ग्रामीण सरकार की एक बहुत ही शानदार, जानदार योजना है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का सपना है कि 2022 तक भारत में कोई भी बिना घर का नहीं होगा।सबके पास अपना निजी भवन होगा।कोई भी छत विहीन नहीं होगा।शहरों और गांवो दोनो जगह बहुत से निर्धन परिवार ऐसे हैं जो झुग्गी झोपड़ी में ही अपनी सारी जिन्दगी गुजार देनें पर विवश हैं।दो जून की रोटी कमाने,परिवार चलाने भर की आय ही बमुश्किल जुटा पाते हैं।ऐसे गरीब परिवारों के सामनें इस मंहगाई के दौर में अपना मकान बनवा पाना किसी सपने से कम नहीं है।केन्द्र की मोदी सरकार ऐसे गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी/ग्रामीण लाकर इन गरीब परिवारों के लिए अवश्य ही सराहनीय कदम उठाया है।इसकी जितनी भी तारीफ की जाय कम है।अफसरशाही जरूर इस योजना में कहीं-कहीं भृष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।पात्रों के चयन करनें में शहर/ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अनियमितता बरती जा रही है।सुपात्रों को इस योजना के लाभ से वंचित कर के कुपात्रों को चयनित किया जा रहा है।जो एक गलत परम्परा है।भाई-भतीजा वाद हावी हो रहा है।वोट की राजनीति की जा रही है।जिनके पा…

प्रतिभा पलायन

भारत देश गरीब देशों की श्रेणी में आता है।यहां संसाधनों की कमी और उच्च शैक्षणिक संस्थान और उचित शैक्षणिक माहौल की कमी हमेशा से रही है।संसाधनों की कमी के बावजूद इस राम,कृष्ण की धरती पर एक से एक प्रतिभाएं भरी पड़ी है।प्रतिभावों की कमी इस देश में कभी नहीं रही है।यदि प्रतिभा सम्पन्न राष्ट्र कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।यहां पूर्व काल से ही प्रतिभा सम्पन्न राष्ट्र रहा है।"जब जीरो दिया मेरे भारत नें तब दुनिया गिनती आयी।देता न दशमलव भारत तो फिर चाँद पे जाना मुश्किल था।धरती आकाश की दूरी का अंदाजा लगाना मुश्किल था।"।प्रतिभा पलायन हमेशा से ही एक बड़ा मुद्दा रहा है।विश्वेस्वरैया जो अंग्रेजों द्वारा तय समय सीमा से आधे समय में ही। कार्य सम्पन्न कराकर अंग्रेजों को अपना लोहा मनवाने को विवश कर दिया था।नेता सुभाषचंद्र बोस जी नें भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए विवश किया था।हमारे ऋषियों, मुनियों, मनीषियों, विद्वानों, वैज्ञानिकों ने बांस की नलिकाओं से जिन जिन-ग्रहों,नक्षत्रों आदि की गणना का हिसाब लगाकर दिया था।वहीं दूरी आज करोड़ों, अरबों की दूर्बीनों ,और आधुनिक विज्ञान की गणना से मेल खा …

सड़क दुर्घटनाओं का कारण मेनहोल और गड्ढें ।

आदरणीय  सम्पादक जी सादर प्रणाम।बरसात के महीने चल रहे हैं।इस बार बरसात कुछ ज्यादा ही मेहरबान है।सड़कों के किनारे या किसी भी सड़क के हिस्से की मिट्टी बह जाने के कारण सड़कों पर गड्ढे बन ही जाते हैं।कुछ गड्डे जानलेवा भी बन जाते हैं।वाहनों का पलट जाना।गहरी खड्ढ में गिरने से जानें चली जाती हैं।चोटिल होने वालों में या जान जाने वाली दुर्घटनाओं में अधिसंख्य दोपहिया वाहनों की ही होती है।बरसात के मौसम में ओवर स्पीड बहुत ही घातक होती है।केवल स्लिप होना ही जानलेवा हो सकता है।सड़कों पर भरे पानी की गहराई या बहाव अधिक होने पर वाहन डूबने,इंजन में पानी चले जाने आदि के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ जाता है।जान जोखिम में डालने से बचना चाहिए।यदि शहरों के खुले मेनहोल भी कभी-2 भारी दुर्घटना का कारण बन जाते हैं।इस बार तो सावन में ही बाढ़ नें प्रलय मचा रखी है।केरल तो लगभग तबाही के कगार पर पहुंच गया है।इन्द्र देवता कुपित होकर किसी भी राज्य में जलप्लावन की स्थिति ला सकने में पूर्ण रूप से सक्षम हैं।वैसे सालन मनभावन, सुहावन आदि संज्ञाओं से सुशोभित है।"तेरी दो टकियों की नौकरी मेरा लाखों का सावन जाय रे&quo…

किसानो की दुर्दशा

भारत देश के लोगों में 70% लोगों का मुख्य पेशा कृषि (अन्नदाता) है।इन्हीं 70%लोगों के कन्धे पर सवा अरब जनसंख्या के पेट भरने की जिम्मेदारी है।इसके अतिरिक्त विदेशों में भी निर्यात करके विदेशी भाइयों के भी पेट की आग शांत करता है।इसीलिए किसान भाइयों को"किसान भगवान"कहा जाता है।"अन्नदाता"की भी उपाधि प्राप्त है।जब किसान का पेट स्वयं भूखा रहेगा तो वह कैसे धरती का सीना चीर कर कैसे अन्न पैदा करेगा?किसान इधर फसल पैदा करता है उधर नई फसल के लिए जुताई, मयाई,बीज,खाद,दवाई, श्रमिक तक उसकी पूरी फसल बिक चुकी होती है।घरेलू खर्च,औरत,बच्चों की दवा इलाज आदि में सारे पैसे समाप्त हो चुके होते हैं।नई फसल के इन्तजार में आंखें गड़ा कर सही फसल के लिए के लिए भगवान से अनुनय-विनय करने में जुट जाता है।भूगोल का एक बहुत प्रचलित प्रश्न है---------भारतीय कृषि मानसून पर आधारित है, भारतीय किसान मानसून से जुँआ खेलता है।किसानों की आय दोगुनी करने की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार नें घोषणा की है।जो स्वागत योग्य है।यदि भारतीय किसान की दशा--दिशा सुधर जाये तो भारत पुनः एकबार सोने की चिड़िया बन सकता है इसम…

पाकिस्तान और चीन भारत के दो नापाक दोस्त

भारत का शत्रु नं.1चीन तथा पाकिस्तान शत्रु नं.2 भारत को दिन-रात मिटाने के दिवास्वप्न देखते रहते हैं।"मुद्दई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है? वहीं होता है जो मंजूरे खुदा होता है।"चीन+ पाक का नापाक गठजोड़ है।भारत के दृष्टिकोण से दो दुश्मन देशों का एक साथ होना ज्यादा शुभ संकेत नहीं है।चीन चालाक देश है।पाकिस्तान धूर्त+क्रूर देश  है।दोनों का साथ होनें से भारत की रक्षा चिन्ता रेखाएं और गहरी हो जाती हैं।चीन भारत को घेरने के ही इरादे के साथ भारत के चारो दिशाओं के सटे देशों में सैनिक अड्डा नौसेना, जल सेना,थल सेना सभी सेना के अड्डे बनाने के काम में जुटा हुआ है।पाकिस्तान घुसपैठ कराने के नये-2 तरीके ईजाद करने के कार्य में अनवरत जुटा हुआ है।श्री नरेन्द्र मोदी सरकार विशेष कर सुयोग्य विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी अवश्य ही बधाई के पात्र हैं।विदेशों में पाकिस्तान को और चीन को नंगा करके रख दिया है।दोनों विश्व बिरादरी में अलग-थलग करके रख दिया है।फिर भी दोनों भारत का अहित करनें में तूले हुए हैं।डोकलाम,पाक चीन आर्थिक गलियारे जैसी परियोजनाओं को विराम दिलाने में मोदीजी की सरकार की विदेश नीति की जितनी भ…

स्मृतिशेष महापुरुष पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी बाजपेयी जी

"ऐसे महापुरुष बसुधा पर कभी--कभी आते हैं।मानवता के लिए सभी कुछ अपना दे जाते हैं।""सत्य,दया,निर्भरता, दृढ़ता, जीवन-ज्योति जगाने को।श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म हुआ था मानवता अपनाने को।।"भारत देश नें अटल बिहारी वाजपेयी जी के रूप में एक कोहिनूर हीरा खो दिया है।आप भारत रत्न सुयोग्य प्रधानमंत्री, सुयोग्य सांसद, कुशल वक्ता, हाजिर जबाब,हर दिल अजीज ,अच्छे कवि,कुशल राजनेता थे।सत्तापक्ष-विपक्ष दोनों आपका विशेष आदर करते थे।इस शून्य को कभी भरा नहीं जा सकता।यह अपूर्णीय क्षति है।भारतीय राजनीति का ध्रुवतारा अस्त हो चुका है।देश-विदेश में ख्याति प्राप्त प्रसिद्ध राजनेता थे।भारतीय राजनीति में आपका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा।आपको यू.पी.खासकर लखनऊ से आपका विशेष लगाव था।आपके प्यार मोहब्बत मिलनसारिता के देश तथा प्रदेश में शोक की लहर सी दौड़ गयी है।हर कोई शोकाकुल नजर आ रहा है।आप अपनें नाम अनुरूप अपनें अटल इरादे के अटल इंसान अटल बिहारी वाजपेयी जी का सदैव स्मरण किया जाएगा।आप सवा अरब लोगों के दिलों पर मरकर भी राज करते रहेंगे।आपको सभी जाति-धर्म के लोगों में समान आदर प्राप्त था।सभ…

ग्रामसभा सेहगौ के वीरों की शौर्य गाथा

जंगे आजादी का बिगुल बज चुका था।देश पर मर मिटने,कुछ कर गुजरने के लिए देश के दीवानों, मतवालों की टोलियां अंग्रेजों को मारनें,मरने की भावना उनके दिलों में हिलोरें मार रही थी।वह मचल रहे थे,बेताब थे।रायबरेली जिला की सबसे बड़ी ग्राम सभा"सेहगों"के क्रांतिकारी कहाँ चुप बैठने वाले थे।राजे,रजवाड़े, तालुकेदारों को अंग्रेजों का समर्थन संरक्षण प्राप्त था।सन् 1921ई०में राम औतार, शालिकराम नें सेहगों के तालुकेदार श्री द्वारिका प्रसाद के खिलाफ लड़ाई छेड़ दी।राम औतार की माँ जिन्हें "कलक्टराइन"कहा जाता था।दूध की सौगंध देकर राम औतार से कहा--जाओ और सिपाहियों को मार कर ही आना।राम औतार अपने साथी सालिकराम के साथ लाठी लेकर सिपाहियों से भिड़ गये।और सिपाही गोलियां चला रहे थे।प्राणों की परवाह न करते हुए दो गारदों को मार गिराया और दो को मरणासन्न कर दिया।15 दिनों तक तालुकदार का फाटक नहीं खुला।"कलक्टराइन"नें पुनःदूध की सौगंध देकर कहा अदालत में झूठ नहीं बोलना।दोनों शेरों नें हंसते-हंसते फांसी के फन्दे को चूमा और अमर शहीद बनकर शहीदों की माला में दो मनके और बढ़ा दिया। विगत15-20सालों से आपके अस…

सुरक्षित मातृत्व योजना

प्रधान मंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना केन्द्र सरकार की यह बहुत ही अच्छी लोकप्रिय और प्रसूता में जागरूकता लाने वाली योजना है।इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाय कम है।गर्भवती महिलाओं के लिए यह किसी बरदान से कम नहीं है।इसी क्रम में 108,102 नं.की एम्बुलेंस सेवाएं भी प्रशंसा के पात्र हैं।"आशा बहुओं के योगदान और मेहनत भी सराहनीय है।इन आशा बहुओं नें सरकारीअस्पताल में प्रसव हेतु प्रेरित करने में काफी सफलता अर्जित की है।इस योजना में पोषण के लिए प्राप्त होनें वाले धन के कारण गरीबों में जागरूकता भी आई है लोगों के रुझान की टी.आर.पी.बढ़ी है।इसके लिए मैं प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली इस योजना की भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूँ।गरीब जनता की गर्भवती महिलाओं के लिए यह योजना किसी बरदान से कम नहीं है।आशा से लेकर, एम्बुलेंस सेवा,अस्पताल टीम सब पूरी यूनिट प्रशंसा की पात्र हैं।आशा बहुओं के लाख प्रयास के बाद भी अभी कुछ,जाहिल,जट्ट, जिद्ददी,गंवार लोगों में एक जिद होती है कि गर्भस्थ शिशु को आज भी  घर की डेहरी पर ही प्रसव करवाने को ही शुभ मानते हैं।अस्पताल में जच्चा-दोनों सुरक्षित और चिकित्सक की देखरेख में रहत…

कारण और जवाब (लूट सेहगौ लूट )

'' क्यों '' का जवाब
आप ने लूट लो लूट योजना के अंतर्गत लोगों से वादा किया कि तुम उनका ₹1000 का कैशबैक मार्च-अप्रैल मई और जून के महीने में वापस करोगे |
बाद में यह पोस्ट डाली गई थी कि ''मैं इस समय 60 लाख sehgo hart + .......+......+....;; आदि आदि '' चीजों में उलझा हुआ हूं | इसलिए लोग मुझे जुलाई तक का समय दें |
आप चाहे जिन कामों में व्यस्त रहें , आपको कोई भी दिक्कत हो , कैशबैक चाहने वालों को इससे कोई मतलब नहीं होगा | उन्हें तो केवल सही समय पर अपना कैशबैक चाहिये | ऐसी आम सोंच होती है | मैंने सोंचा कि इससे आपकी योजना को नुकसान हो सकता है | इसीलिए मैंने लिखा था '' असफलता की ओर पहला कदम ''मैंने सोंचा था कि तुम मेरी बात को समझोगे | परं शुरू हो गई तुम्हारी ललतरानी और हवाहवाई डींगे मारने वाली पोस्टें | Facebook पर आप की पोस्ट आई '' असफलता की ओर तो मैंने बहुत पहले कदम उठाया था | काश कि लोग मुझे समझ नहीं पाए |
'' मेरी नेक सलाह पर ऐसी पोस्ट '' मुझे अत्यंत निराशा हुई और मैं पूरी रात सोचता रहा कि किसी ने सच ही कहा है कि '' …