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सुरक्षित मातृत्व योजना


प्रधान मंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना केन्द्र सरकार की यह बहुत ही अच्छी लोकप्रिय और प्रसूता में जागरूकता लाने वाली योजना है।इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाय कम है।गर्भवती महिलाओं के लिए यह किसी बरदान से कम नहीं है।इसी क्रम में 108,102 नं.की एम्बुलेंस सेवाएं भी प्रशंसा के पात्र हैं।"आशा बहुओं के योगदान और मेहनत भी सराहनीय है।इन आशा बहुओं नें सरकारीअस्पताल में प्रसव हेतु प्रेरित करने में काफी सफलता अर्जित की है।इस योजना में पोषण के लिए प्राप्त होनें वाले धन के कारण गरीबों में जागरूकता भी आई है लोगों के रुझान की टी.आर.पी.बढ़ी है।इसके लिए मैं प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली इस योजना की भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूँ।गरीब जनता की गर्भवती महिलाओं के लिए यह योजना किसी बरदान से कम नहीं है।आशा से लेकर, एम्बुलेंस सेवा,अस्पताल टीम सब पूरी यूनिट प्रशंसा की पात्र हैं।आशा बहुओं के लाख प्रयास के बाद भी अभी कुछ,जाहिल,जट्ट, जिद्ददी,गंवार लोगों में एक जिद होती है कि गर्भस्थ शिशु को आज भी  घर की डेहरी पर ही प्रसव करवाने को ही शुभ मानते हैं।अस्पताल में जच्चा-दोनों सुरक्षित और चिकित्सक की देखरेख में रहते हैं।नियमित जाँच सुरक्षित प्रसव से जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहते हैं।केवल अल्ट्रासाउंड बाहर से करवाने को लिख दिया जाता है।किसी -किसी सी.एच.सी. में अल्ट्रासाउंड मशीन है तो टेक्नीशियनों की कमी है।कहीं टेक्नीशियन है तो मशीन नहीं है।9तारीख को प्राइवेट डाक्टरों की सेवाएं भी प्राप्त होने के कारणवश ज्यादा प्रचलित और लोकप्रिय है।इसके कारण ही जच्चा-मृत्यु दर में काफी कमी आई है।प्रसव से लेकर टीकाकरण कोर्स तक सभी टीम बहुत प्रशंसा की पात्र है।

सरकार से निवेदन है कि सभी सी.एच.सी.पर आधुनिक ओ.टी.और आई.सी.यू की सुविधाओं से लैश कर दिया जाय तो जच्चा-मृत्यु दर में और कमी लाई जा सकती है।अल्ट्रासाउंड मशीन और टेक्नीशियन की सुविधा तो हर सी.एच.सी.में होनी ही चाहिए।ताकि बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाने में प्रसूताओं को मुफ्त सुविधा गर्भधारण से लेकर प्रसव तक  फ्री किए जाने की जरूरत है।जितनी जच्चा  संख्या ओ.पी.डी हो उतने ही अल्ट्रासाउंड रजिस्टर में अनिवार्य कर दिया जाय तो बाहर से लिखने वाली प्रथा स्वयं समाप्त हो जायेगी।कुल मिलाकर यह योजना जानदार, शानदार है।इसके प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और उनकी सरकार अवश्य ही बधाई की पात्र है।


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