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प्रतिभा पलायन



भारत देश गरीब देशों की श्रेणी में आता है।यहां संसाधनों की कमी और उच्च शैक्षणिक संस्थान और उचित शैक्षणिक माहौल की कमी हमेशा से रही है।संसाधनों की कमी के बावजूद इस राम,कृष्ण की धरती पर एक से एक प्रतिभाएं भरी पड़ी है।प्रतिभावों की कमी इस देश में कभी नहीं रही है।यदि प्रतिभा सम्पन्न राष्ट्र कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।यहां पूर्व काल से ही प्रतिभा सम्पन्न राष्ट्र रहा है।"जब जीरो दिया मेरे भारत नें तब दुनिया गिनती आयी।देता न दशमलव भारत तो फिर चाँद पे जाना मुश्किल था।धरती आकाश की दूरी का अंदाजा लगाना मुश्किल था।"।प्रतिभा पलायन हमेशा से ही एक बड़ा मुद्दा रहा है।विश्वेस्वरैया जो अंग्रेजों द्वारा तय समय सीमा से आधे समय में ही। कार्य सम्पन्न कराकर अंग्रेजों को अपना लोहा मनवाने को विवश कर दिया था।नेता सुभाषचंद्र बोस जी नें भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए विवश किया था।हमारे ऋषियों, मुनियों, मनीषियों, विद्वानों, वैज्ञानिकों ने बांस की नलिकाओं से जिन जिन-ग्रहों,नक्षत्रों आदि की गणना का हिसाब लगाकर दिया था।वहीं दूरी आज करोड़ों, अरबों की दूर्बीनों ,और आधुनिक विज्ञान की गणना से मेल खा रही है।हमारे यहाँ जब वेद लिखे जा रहे थे तब बाकी दुनिया निरक्षर थी।आज सारी दुनिया भर में भारतीय वेदो,ग्रंथों पर रिसर्च चल रहे हैं और सब वैज्ञानिक कसौटी पर भी खरे उतर रहे हैं।हमारी भारतीय चिकित्सा पद्धति, योग,जिसे आज पूरी दुनिया मानने जानने का प्रयास कर रही है।अंग्रेजों, अमेरिकनों द्वारा कैम्पस सेलेक्शन के द्वारा भारतीय प्रतिभा की क्रीम अपने यहां पलायन कराने पर जुटे हुए हैं।प्रतिभाएं भी अच्छा पैकेज,अच्छा वेतन बेहतर सुविधाएं अपनी ओर  आकर्षित कर ही लेती हैं।भारतीयों की इंग्लैंड, अमेरिका में नौकरी करने की उत्सुकता भी ज्यादा रहती है।प्रतिभाएं कभी छुपी नहीं रह सकती।वह जिस भी क्षेत्र में जाती हैं अपनी अलग छाप छोंड़ जाती है।लेकिन जब सारी क्रीम प्रतिभाएं इंग्लैंड, अमेरिका उठा ले जायेगा तो भारत में बचेगा ही क्या?अब जब भारत प्रतिभा की खान है तो प्रतिभा की कमी तो कभी नहीं होगी।भारतीय सभ्यता, संस्कृति, तीज त्यौहार सभी में वैज्ञानिकता छुपी हुई है।हमारे पूर्वजों ने बहुत सोंच समय कर समय,ऋतु,मौसम के हिसाब से तीज,त्यौहार मनाने का,भिन्न-भिन्न व्यंजनों के सेवन की सलाह दी गई है।जो पूर्ण रूप से स्वास्थ्य के हिसाब से लाभदायक और वैज्ञानिक कसौटी पर सौ परसेंट 24 कैरेट शुद्ध सोना साबित हो रहे हैं।

भारत सरकार को कैम्पस सेलेक्शन में क्रीम प्रतिभावों के पलायन को रोकने का प्रयास करना चाहिए।अपने देश में ही अच्छे पदों पर रख लिया जाना चाहिए।

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