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गोवंशीय पशु





उ०प्र० के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ"योगीजी"ने गोहत्या बन्द कराने के उद्देश्य से गोवंशीय पशुओं का बध रोक कर निश्चय ही सराहनीय, प्रशंसनीय फैसला लिया है।गोवंशीय पशुओं के बध पर निश्चय ही पूर्ण विराम लग चुका है।लेकिन हम आपनें अपने पालतू पशुओं को अवारा छोंड़कर एक बहुत बड़ी समस्या खड़ी कर दी है।किसानों के लिए वास्तव में इन आवारा सांड़ो,गायों नें खासी मुसीबत में डाल दिया है।यह किसानों की फसल चर कर बर्बाद कर रहे हैं।एक तरफ मोदीजी कहते हैं किसानों की आय दोगुनी करनी है।दूसरी तरफ यह सांड़ फसल चर कर आधी कर रहे हैं।लोग इन्हें मोदी,योगी के सांड़ की संज्ञा से अलंकृत कर रहे हैं।यातायात व्यवस्था भी इन सांड़ों की वजह से चरमरा कर रह गयी है।रोज मार्ग दुर्घटना में गोवंशीय पशु मर ,कट रहे हैं और लोगों को चोटिल कर रहे हैं।मेरी प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली की निजी राय है कि उरुग्वे देश  की तरह पालतू पशुओं को माइक्रो चिप लगवाने का प्रबंध करनें की कृपा करें।जिससे हम आप अपने पालतू पशुओं को आवारा छोंड़ें तो पता लग सके कि पालतू पशु किसका है।और दंडित किया जा सके।फालतू पशुओं को सरकारी सम्पत्ति घोषित कर सरकारी गोशाला या पशुपालन विभाग को सौंंपा जा सके।इससे किसानों के फसल रखाने के झंझट से छुटकारा मिल सकेगा।और यातायात व्यवस्था भी निर्बाध रूप से जारी रह सकेगी।मार्ग दुर्घटना में इन गोवंशीय पशुओं की जान भी नहीं जाएगी।वर्ना इन सांड़ो की वजह से आगामी लोकसभा चुनावों में किसानों के कोपभाजन का शिकार बने बिना भा.ज.पा.नहीं बच पायेगी।किसानों को फसल रखाने का अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है।जितनें गोवंशीय पशु आप कत्ल होनें से बचाने का पुनीत कार्य कर रहें हैं उसका कुछ प्रतिशत तो रोज सड़क एक्सीडेंट में मर या चुटहिल हो रहे हैं और सरकार के लिए चुनौती बने हुए हैं।वाहन सवार भी मर या चोटिल हो रहे हैं।चरागाहों की भूमि अविलम्ब खाली करवा कर पशुपालन विभाग की देखरेख में सांड़ सेवकों के द्वारा इन आवारा पशुओं के पालन-पोषण की जिम्मेदारी देनें की कृपा करें।


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