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सड़क हादसो मे गढ्ढों की भूमिका यू0पी0 सबसे आगे ।



उत्तर प्रदेश को भारत का ह्रदय कहा जाता है।यह भारत का सबसे बड़ा प्रदेश कहा जाता है।यह राम,कृष्ण भगवान की जन्मभूमि भी है।दिल्ली सरकार का रास्ता उत्तर प्रदेश से ही होकर जाता है।जनसंख्या के हिसाब से यह पाकिस्तान से भी बड़ा है।दो-तीन प्रधानमंत्रियों को छोड़कर सभी प्रधानमंत्रियों का इस प्रदेश से गहरा नाता रहा है।

अभी हाल ही में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर में एक सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर कहा गया है कि भारत में सड़कों पर बने गड्ढों के जानलेवा होनें में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है।दूसरे नम्बर पर महाराष्ट्र और तीसरे नम्बर पर मध्यप्रदेश है।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ"योगी"नें पदभार ग्रहण करने के साथ पहला आदेश गड्ढा मुक्त उत्तर प्रदेश का ही आदेश दिया था।साल भर बाद ही उक्त सर्वे नें गड्ढा मुक्त उत्तर प्रदेश के दावे की हवा निकाल कर रख दी है।अब बरसात समाप्त होने के तुरंत बाद योगी सरकार को वास्तव में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के अभियान पर लग जानें की जरूरत है।आखिर कब तक यह गड्ढे लोगों की जान लेते रहेंगे?इस प्रकार के दावे गड्ढा मुक्त यू.पी.के दावे पर जरूर प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं।अब तक सरकार को प्रेषित गड्ढा मुक्त सड़कों के बारे में अभियन्ताओं द्वारा कराए गये झूठे दावों की पोल खोल कर दी है।ऐसी झूठी रिपोर्ट प्रेषित करनेवाले अभियन्ताओं पर कठोर कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता है।सड़क,शिक्षा, स्वास्थ्य ही विकास की असली कुंजी मानी जाती हैं।सड़कों को विकास का मजबूत स्तम्भ माना जाता है।सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाकर ही उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाया जा सकता है।केन्द्रीय सड़क विकास मंत्री श्री नितिन गडकरी जी और मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी से निवेदन है कि प्राथमिकता के आधार पर उत्तर प्रदेश की सड़कों का स्वास्थ्य सुधारने की कृपा करें।और जानलेवा यू.पी.की सड़कों के गड्ढों के मामले में टाप पर होनें की रिपोर्ट पर संज्ञान लेनें की कृपा करें।जब भारत का ह्रदय यू.पी.की सड़कें ही घायल रहेंगी तो यू.पी. और भारत का समुचित विकास नामुमकिन ही है।

अतः सरकार से निवेदन है कि इस रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेकर यू.पी.की सड़कों को आई.सी.यू.में जानें से पहले ही समुचित इलाज करवाने और आक्सीजन देनें की कृपा करें।ताकि भविष्य में ऐसी रिपोर्टों की भयानक पुनरावृत्ति होनें से रोका जा सके।

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