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लोकसभा+विधानसभा चुनाव एक साथ



लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ करवाने के लिए मोदीजी नें जो सुझाव दिया है।वह वास्तव में उचित ही है।कल दि०30-8-2018 को विधि आयोग ने भी संस्तुति कर दी है।केवल विपक्षी पार्टियों के द्वारा ही व्यर्थ में हो-हल्ला मचाया जा रहा है।यदि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते हैं तो चुनाव आयोग का खर्च भी कम लगेगा और पुलिस फोर्स तथा केन्द्रीय बलों पर होने वाला व्यय भी कम हो जाएगा।भारत का केन्द्रीय चुनाव आयोग वर्ष भर केवल चुनाव कार्यों में ही लगा रहता है।देश के लोगों की खून-पसीने से कमाया गया धन का एक बड़ा हिस्सा केवल चुनाव तैयारियों में ही व्यय हो जाता है।केन्द्रीय बलों तथा पुलिस बलों को भी भारी मशक्कत करनी पड़ती है।चुनावी हिन्सा भी ज्यादा होती है।एक साथ चुनाव करानें से इन फालतू के झंझटों से निश्चित ही मुक्ति मिल जाएगी।मोदीजी का यह सुझाव निश्चित ही स्वागत योग्य और राष्ट्र हित में है।देश पर लगने वाले चुनावी खर्चों में भी कमी आयेगी।चुनाव आयोग के वर्ष भर चुनावी कार्यक्रमों में लगे रहने से भी मुक्ति मिल जाएगी।कुल मिलाकर देश के राजस्व घाटों तथा सरकारी स्कूलों में छात्रों/छात्राओं को भी पढ़ाई-लिखाई के अवसर ज्यादा मिलनें लगेगा।सरकारी कर्मचारियों को जो चुनाव ड्यूटी में ही लगे रहते हैं,उनको भी चुनावी सिरदर्द से छुटकारा मिल जाएगा।संविधान पीठ से मुहर लगना शेष है।

यदि यह व्ववस्था लागू हो जाती है तो देश पर लगनेवाले चुनावों के खर्चों में भारी कमी आ जाएगी।बची रकम देश के अन्य। विकास कार्यों मे लगाई जा सकती है।

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