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एशिया कप मे श्रीलंका क्रिकेट टीम का खराब प्रदर्शन



विश्व क्रिकेट की लगभग सभी क्रिकेट खेलने वाले देशों की टीमों में विश्व कप के मद्देनज़र परिवर्तन का दौर जारी है।सभी क्रिकेट खेलनें वाले देशों में परिवर्तन के तौर पर युवा शक्ति को स्थान दिया जा रहा है।युवाओं के हाथ में ही क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित माना जा रहा है।2019 में क्रिकेट का महाकुंभ अर्थात क्रिकेट विश्व कप खेला जाना तय है।इसी के मद्देनजर सभी क्रिकेट खेलनें वाले देश अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं।

एशिया कप में 50-50 ओवर का क्रिकेट खेला जा रहा है।सबसे पहले बाहर होनें वालों में 5 बार की एशिया कप जीतने वाली श्रीलंका क्रिकेट टीम है।जब से जयवर्धने, संगकारा जैसे क्रिकेटरों नें संयास लिया है।श्रीलंका क्रिकेट टीम इंडिया उबर नहीं पा रही है।बंग्लादेश के हाथों 137 रन से हार तथा नवस्थापित अफगानिस्तान के हाथों 91 रन की हार के साथ श्रीलंका क्रिकेट टीम सुपर फोर में भी स्थान बना पानें में असफल साबित होकर अपने पहले चरण से ही बाहर होने की कगार पर है।श्रीलंका क्रिकेट टीम का यह सबसे बुरा प्रदर्शन कहा जा सकता है।बालिंग,बैटिंग,फील्डिंग तीनों क्षेत्रों में लचर प्रदर्शन जारी है।श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को आगामी क्रिकेट विश्व कप 2019 को नजर में रखते हुए नई क्रिकेट टीम तैयार किए जानें की जरूरत है।इस समय क्रिकेट टीम श्रीलंका एशिया की सबसे लचर टीम बन गई है।सुधार करने में 3-4 वर्ष का समय जरूर लगता है।क्योंकि श्रीलंका को 0--11 खिलाडियों को तैयार करना पड़ेगा।श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को अपने देश के क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुधार किए जाने की जरूरत है।तभी विश्व क्रिकेट खेलनें वाले देशों के समक्ष प्रभावी चुनौती पेश की जा सकती है।



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