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बीमारियों की जड़ मक्खी, मच्छर और अशुद्ध पानी.....



हमारे देश में मच्छरों,मक्खियों,और अपेय जल के कारण ही बीमारियों की संख्या में खासी वृद्धि दर्ज हो रही है।रोग और रोगियों की संख्या का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है।मच्छर, मक्खी की समस्या का निदान स्वच्छता अपना कर कम किया जा सकता है।परन्तु अपेय जल की समस्या अपराजेय है।आम आदमी बोतल, आरो का पानी नहीं पी सकता।उसके लिए हैण्डपम्प ही पेयजल का एकमात्र सहारा होता है।हैण्डपम्प के पानी की गुणवत्ता पेय है अथवा अपेय लैब द्वारा जाँच करके/कराके जाना जा सकता है।सरकार से निवेदन है कि सरकारी धन से जुटाए गए सभी इण्डिया मार्का हैण्डपम्पों के पानी की जाँच करवा कर पेय/अपेय लिखवाने की कृपा करें मच्छरों के निदान के लिए नियमित फागिंग करवाने की कृपा करें।रोग,और रोगी दोनों की संख्या अपने आप घट जाएगी।किसान, मजदूर हांड़ तोड़ मेहनत करने के बाद चैन की नींद मच्छर रहित रात में सो तो सके।स्वच्छता के द्वारा मक्खियों की स्वतःसमाप्त हो जाएगी।मक्खी गंदे स्थानों मे ही बैठती है।अशुद्ध पानी ही अपराजेय समस्या है।इसका पता लगाकार जनता को जानकारी से अवगत कराने की ज्यादा जरूरत है।जब खान-पान दुरुस्त होगा तो स्वास्थ्य ठीक होगा।आदमियों की समुचित नींद न आनें के कारण चिड़चिड़ापन, टेन्शन कुछ ज्यादा ही बढ़ जाता है।ब्लडप्रेशर आदि बहुत बीमारियां जन्म ले लेती हैं।

अतःसरकार से निवेदन है कि मच्छर, मक्खी पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की कृपा करेंऔर पेयजल स्रोतों की जाँच रिपोर्ट प्रकाशित करने की कृपा करें।


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