Skip to main content

[[ 02 ] 尊敬する方法を学ぶ

gsirg.com

尊敬する方法を学ぶ

A_kradi_key_krun_pook

私が学校に通っていたとき、少年は言った - 私のガールフレンドになってください............

あなたが大学に行くと、アイテムになる..........

大学はパートタイムのパートナーになりました.......

誰もあなたのことであなたはあなたが私の花嫁でなければならないと言いました、または私は#兄弟を誓うとあなたは私の妹になりました...

私の子供のジャナは最初の神学校になります...

#おもちゃを作りたい人は誰でも............

遊ぶために、心を込めて..........

服を降ろすには........

ランプを飾る........

うん... ...

私はそれが妹でもあると思っていた

実行率は同じです

だから、妹は兄のために復讐する

ブラザーは自慢し続けます

そして妹は復讐を守るだろう

しかし、気にしなかった

将来は娘もいるだろう

この愛と愛情を作るのは......

それらの無実の人々はすべての負債を支払う

父親の青年の罪深いことを許す...

それが私がそう言う理由です。

#Bhaio -----#女の子は誰でも

彼女は最後の一人、彼女の妹の娘です............

それで、私たちはとても多くの人に堕ちました

それは.....................

女の子を尊敬しないで

あなたの姉妹の娘があなたの友情の喪失に責任を負うことは起こりません!!!!!! 

   #So_Always__________image_

  

                                           

   (#if_post_love_host_to_)

                                #_cmnt_me_zur_replace |

                                                                                      エンド

Comments

Popular posts from this blog

[ q/9 ] Tratamentul; O alternativă unică la sterilizare

web - gsirg.com

 Tratamentul; O alternativă unică la sterilizare

 Fiecare creatură din lume care a venit în această lume, el a câștigat definitiv copilarie, adolescenta, maturitate si batranete | Dintre acestea, dacă părăsim copilăria, atunci în fiecare etapă a vieții, fiecare creatură suferă de dorința sexuală. Cu excepția unui om determinat generație apel la alte creaturi, dar omul este o ființă care, în 12 luni ale anului, 365 de zile, 24 de ore, poate cicălitoare sex în orice moment | Cea mai dificilă sarcină a ființelor umane în această lume este să câștige "Cupid". Fiecare bărbat și femeie din această lume este absorbit de toți muncitorii și începe să facă nenorociri teribile în această lume. Se estimează că doar 70% din criminalitatea mondială este legată de acest lucru.


 Libido o tulburare puternică


  Cauza nașterii diferitelor tipuri de infracțiuni este dorința. Femeile și bărbații care suferă de această dorință sexuală nu ezită să facă diferite tipuri de crime în ac…

कबिरा शिक्षा जगत् मा भाँति भाँति के लोग।।भाग दो।।

प्रिय पाठक गणों आपने " कबीरा शिक्षा जगत मां भाँति भाँति के लोग ( भाग-एक ) में पढ़ा कि श्रीमती रामदुलारी तालुकेदारिया इण्टर कालेज सेंहगौ रायबरेली की प्रधानाचार्या, प्रबंधक, लिपिकों आदि के द्वारा किस प्रकार शिक्षा सत्र 2015--16 तथा शिक्षा सत्र2014--15 मे किस प्रकार लगभग उन्यासी छात्रों को फर्जी ढ़ंग से प्रवेश दिलाया गया । बाद मे इन्हीं छात्रों को अगले वर्ष इण्टर कक्षा की परीक्षा दिला दी गई। इसके लिए फर्जी कक्षा 12ब3 बनाई गई। बाकायदा फर्जी छात्रों का उपस्थिति रजिस्टर भी बनाया गया। परन्तु सभी छात्रों से प्रथम तथा द्वितीय वर्ष की कक्षाओं मे निर्धारित विद्यालय फीस लेने के बावजूद भी इसका विद्यालय के रजिस्टर पर इन्दराज नही किया गया। यह अनुमानित फीस लगभग साढ़े चार लाख रुपये के आसपास थी जिसे उपरोक्त अधिकारियों / विद्यालय के शिक्षा माफियाओं द्वारा अपहृत / गवन कर लिया hi गया। यथोचित कार्रवाई हेतु इस सम्पूर्ण विवरण को प्रार्थना पत्र मे लिखकर अपर सचिव के क्षेत्रीय कार्यालय इलाहाबाद को दिनाँक 25 /05 2016 को भेजा गया।
अब हम आपको इसके शर्मनाक पात्रों का परिचय करवा देते हैं।
       😢शर्मनाक…

पुराने बीजो का संरक्षण

नये खाद्यान्न बीजों या शंकर बीजों के आगमन के साथ खाद्यान्नों का उत्पादन अवश्य बढ़ा है।जिसके लिए हमारे कृषि वैज्ञानिक अवश्य ही बधाई के हकदार हैं।आज हम सवा अरब से अधिक लोगों को भरपेट भोजन देनें के अलावा निर्यात भी कर रहे हैं।जिस कारण हमें अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अधिक अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष प्राप्त हो रहा है।लेकिन भारतीय किसानों द्वारा अन्धाधुंध यूरिया और अन्य उर्वरकों तथा कीटनाशकों के प्रयोग के कारण कुछ देशों का बासमती चावल के आर्डर वापस लेना पड़ा है।जिसके कारण हमें अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी उठानी पड़ी है।जो अवश्य ही चिन्ता का विषय है।कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मृदा जांच द्वारा किसानों को प्रशिक्षित कर आवश्यक रसायनों के प्रयोगों के लिए किसानों को प्रशिक्षित किए जानें की आवश्यकता है।     हमारे पुराने जमाने के किसानों द्वारा पुराने बीजों एवं गोबर की खाद तथा खली से उत्पादित खाद्यान्नों एवं सब्जियों में जो गजब का स्वाद एवं सुगंध मिलती थी वह अब नये बीजों एवं उर्वरकों एवं कीटनाशकों से उत्पादित खाद्यान्नों एवं सब्जियों में नहीं पाई जाती है।वह स्वाद,सोंधापन, सुगंध अब धीरे-धीरे गायब होती …