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[ 14 ] हमारा जन्मजात दुश्मन पाकिस्तान

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हमारा जन्मजात दुश्मन पाकिस्तान
जब से पाकिस्तान का जन्म हुआ है।तब से अब तक यह नापाक"पाक"भारत की तबाही के दिवास्वप्न देखता चला आ रहा है।"मुद्दई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है?वहीं होता है जो मंजूर-ए-खुदा होता है।"पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह और प्रशिक्षण देने के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह साबित होता जा रहा है।सारी दुनिया में कहीं भी आतंकी घटना घटित होती है तो आतंकवादी या तो पाकिस्तानी होगा या फिर मेड इन पाकिस्तानी ही होगा।यह सारी दुनिया समझ चुकी है।फिर भी पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा है।पाकिस्तान एक ऐसा देश है ,जो किसी कुत्ते की पूंछ की तरह ही टेढ़ी ही रहती है।जिसे किसी बंदूक की नली में सौ साल बाद भी रखे जानें के बाद भी  निकाला जाय तो टेढ़ी ही निकलेगी।यह नापाक देश उस बिच्छू की तरह है जो केवल डंक ही मारना जानती है ,या उस कटखने कुत्ते की तरह है जो केवल काटना ही जानता है।यह हजारों बार सीमा पर सीज फायर का उलंघन करके भारत को नुकसान पहुंचाने की चेष्टा कर चुका है।क्रूरता, बर्बरता इसके खून में शामिल है।हमारे बहादुर सैनिकों की हत्याएं और शवों की दुर्दशा कर चुका है।यह हर दम भारत की बर्बादी के ही सपनें देखता रहता है।अफगानिस्तान और भारत की बर्बादी उसका एकमात्र लक्ष्य और निशाना रहा है।भारत को गालियां देकर ही वहां सत्ता प्राप्त होती रही है।हुक्मरानों की हुक्मरानी ही भारत को कोसने से प्राप्त होती रही है।
भारतीय शासकों से निवेदन है कि ऐसे कटखने कुत्ते और हमेशा डंक मारने वाली बिच्छू जैसे पाकिस्तान मुल्क से कभी भी दोस्ती करने की भूल न करे अन्यथा नुकसान के अलावा कुछ भी मिलने वाला नहीं है।इनकी मानसिकता में खोट है।शत्रु देश कभी भी मित्र देश नहीं बन सकता है।हम बड़े भाई की भूमिका में उसके दोष माफ करने को उतावले रहते हैं लेकिन वह दुश्मनी निभाने को ही आतुर नजर आता है।चीन+पाकिस्तान का गठजोड़ भारत के लिए वाकई चिन्ता का विषय रहा है।दोनों दुश्मन देश मिलकर भारत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।इनसे विशेष सावधानी बरतने की जरुरत है।
                                          प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

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