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[ 14 ] ओछी मानसिकता

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ओछी मानसिकता 
   एक बार एक कांग्रेसी मानसिकता वाले व्यक्ति की मुलाकात एक देहात में रहने वाले गरीब आदमी से हो गई | दोनों में रस्मी तौर बातें होती रही | इसी बातचीत के दौरान कांग्रेसी ने देहाती को अनपढ समझकर अपनी नेतागीरी बघारने की सूझी उस कोंग्रेसी नेता ने उस गरीब देहाती से पूंछा : क्या तुमको पता है कि तुम गरीब क्यों हो?
गरीब : नहीं साहब,हमे नहीं मालूम | क्या आप मेरी गरीबी का कारण  जानते हो ?
कोंग्रेसी  : हाँ मैं तुम्हे सब कुछ बताता हूँ कि तुम गरीब क्यों हुए। दरअसल मोदी सरकार अहमदाबाद से मुंबई के बीच एक बुलेट ट्रेन चला रही है ,और उसके ऊपर जो खर्चा आ रहा है यह सब तुम्हारी जेबों से लूटा गया है। इसलिए तुम गरीब हुए।
गरीब : अच्छा सहाब , [ कुछ सोंचते हुए ] लेकिन मैं तो मोदी सरकार के आने के बाद गरीब नहीं हुआ। गरीब तो हम वर्षो से हैं। मोदी सरकार तो अभी अभी आई है | परन्तु साहब इससे पहले तो पूरे देश मे तुम्हारा ही राज था। तो फिर तब तुमको हमारी याद किन कारणों से नहीं आई , जो आज हम गरीबो पर ओछी और गंदी राजनीति कर रहे हो | उसने अपनी बात को आगे बढ़ाया | परन्तु साहब मैं गरीब जरूर हूँ लेकिन मोदीजी की कृपा से थोड़ा थोड़ा अखबार भी पढ़ लेता हूँ। मैंने पढ़ा है कि बुलेट ट्रेन का सारा खर्चा जापान सरकार उठा रही है , वो भी सिर्फ मोदी जी पर विश्वास करके। [ वह कांग्रेसी नेता थोड़ा सकपकाया ,फिर हर न मानने वाले  बोला ]
कोंग्रेसी : हाँ वह तो ठीक है लेकिन इस बुलेट ट्रेन से तुम्हारा क्या फायदा ? यह तो अमीरों की ट्रेन है।
गरीब : अरे नेताजी ऐसे तो फिर हवाई जहाज और हेलिकॉप्टर भी अमीरों के लिए होते हैं , तो क्या उनको भी बंद कर दिया जाये ?  साहब क्यों बरगला रहे हो। ऐसे ही अनाप -सनाप बातें करके आप लोगों ने हमको ही क्या इस पूरे देश को गुमराह टी किया ही है।, साथ साथ ऐसा करके देश का विकास भी रोका है।
     देहाती थोड़ा नाराजगी से बोला :- अब हम भी आप लोगों की राजनीति समझ गए हैं। आपकी जानकारी के लिए मै आपको बता दूँ कि अगर बुलेट ट्रेन चलेगी तो , मैंने माना कि  उसमे हम जैसे गरीब नहीं बैठ पाएंगे। परन्तु उसमे बैठेंगे तो अमीर लोग ही.. मतलब सारा किराया तो उनसे ही वसूला जाएगा। इससे देश को ही तो लाभ मिलेगा और साहब एक बात मुझे और बताओ |  मुझे क्या सभी को पता है कि बुलेट ट्रेन का निर्माण तो 2018 से शुरू हो रहा है , तो फिर मैं गरीब कैसे हो गया? कमाल करते हो आप भी।
     अब तो कोंग्रेसी सकपका गया लेकिन इतने पर भी वह  गरीब रुका नहीं आगे उसकी चमड़ी उधेड़ता हुआ बोला...
बुलेट ट्रेन के चलने का मेरे गरीब होने से मेरा क्या लेना-देना ? गरीब तो मैं पहले से ही हूँ। समझ रहे हो न , कि मैं क्या कहना चाह रहा हूँ या कह रहा हूँ ? जब इसका काम शुरू होगा तो इससे हजारों ही नहीं लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा , फिर जब निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा तो इसके लिए हजारों की संख्या मे स्टाफ की भर्तियाँ निकलेगी। आखिर ये बुलेट ट्रेन रोजगार लाने का ही तो काम कर रही है। पर साहब आप हमें यह बताओ कि आजादी के 60 सालों तक जो आपने विकास कार्यों मे अड़ंगा डाल डालकर देश मे बेरोजगारी फैलाई है उसके बारे में आप क्या विचार  है | अब मह उसके विषय में भी सब कुछ समझ गए हैं। अब तुम्हारी एक नहीं चलेगी।
कोंग्रेसी  : भाई यार तुम कौन हो ? जो मेरी तो ऐसी-तैसी करने पर तो तुले ही हुए हो , मेरी पार्टी को भी बदनाम किये जा रहे हो ?
गरीब : मै आज़ादी के बाद से आपकी फर्जी बातों के कारण गुमराह हुआ एक गरीब हूँ । लेकिन अब मैं यह भी जान चुका हूँ कि देश का विकास कैसे होगा तथा वह विकास किससे और कैसे होने वाला है। अब तुम्हारा दौर खत्म और अब पूरा देश विकास की राह पर चल चुका है। तुम भी जल्दी ही सुधर जाओ वरना कहीं के नहीं रहोगे।
वैसे मैं आपको बता दूँ कि मैं भी अब मोदी भक्त बन चुका हूँ। *MODI* मतलब * Man Of Developing India.... "
यह सुनकर कोंग्रेसी सिर पर चप्पल रखकर वहाँ से भाग गया..हो सकता है कि आपके आस पास  आपके देश में भी ऐसे गुराह करने वाले नेता या पार्टियाँ  हो तो आप उनसे सावधान रहें | ऐसे लोग अपने स्वार्थ के कारण आपका तथा देश का बहुत बड़ा नुकसान कर  चुके होंगे और मौका मिलने पर नुकसान करने से नहीं चूकेंगे | ऐसे नेताओं तथा उनकी पार्टियों से सावधान रहने की जरूरत है | 
#नमो_नमो 🔺🔻

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